पेंशन का कम्यूटेशन क्या है
रिटायरमेंट पर केंद्र सरकार का कर्मचारी अपनी पेंशन का अधिकतम 40% "कम्यूट" कर सकता है — यानी उसके बदले एक बार में एकमुश्त रकम ले सकता है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग का पेंशनर्स पोर्टल तीन अहम नियम बताता है: एकमुश्त रकम कम्यूटेशन तालिका से गिनी जाती है, मासिक पेंशन कम्यूट हिस्से जितनी कम हो जाती है, और "कम्यूट हिस्सा 15 साल पूरे होने पर बहाल हो जाएगा"। लेकिन महंगाई राहत "मूल पेंशन (यानी कम्यूट हिस्सा घटाए बिना)" पर ही गिनी जाती रहती है।
कम्यूटेड वैल्यू ऑफ़ पेंशन (CVP) = कम्यूट की गई मासिक पेंशन × कम्यूटेशन फैक्टर × 12। फैक्टर उस दिन की "अगले जन्मदिन की उम्र" पर निर्भर है जिस दिन कम्यूटेशन पूरा (absolute) हुआ — अगले जन्मदिन पर 61 साल के लिए 8.194, जो 60 पर रिटायरमेंट का आम मामला है।
यह कैलकुलेटर किसके लिए है
- केंद्रीय सिविल पेंशनभोगी जिन्होंने पेंशन का हिस्सा कम्यूट किया और जानना चाहते हैं कि कटौती कब बंद होगी।
- वे पेंशनभोगी जो जाँचना चाहते हैं कि बैंक सही रकम काट रहा है और पूरी पेंशन पर DR दे रहा है।
- जो जानना चाहते हैं कि कटौती चलते हुए 8वाँ वेतन आयोग क्या असर डालेगा।
- रिटायरमेंट के क़रीब कर्मचारी जो तय कर रहे हैं कि कितना कम्यूट करें (फ़ैसले के लिए सटीक फैक्टर और अपनी स्थिति देखें; यह टूल हिसाब दिखाता है)।
कैसे इस्तेमाल करें
- अपनी पूरी मूल पेंशन भरें — कटौती से पहले वाली।
- कम्यूट हिस्सा प्रतिशत में भरें, या बेहतर है PPO में लिखी सटीक रुपये वाली रकम।
- वह महीना चुनें जब कटौती शुरू हुई। 15 साल उस तारीख से गिने जाते हैं जब कटौती लागू हुई (अगर एकमुश्त रकम पहले ही महीने मिली, तो रिटायरमेंट से ही)।
- अगर स्वीकृति पत्र में कोई और फैक्टर न हो तो 8.194 रहने दें। उम्र और फिटमेंट फैक्टर भरें, फिर गणना करें।
उदाहरण
| मूल पेंशन | कम्यूट | मासिक कटौती | 8.194 पर एकमुश्त | अभी की रकम (60% DR) | बहाली के बाद रकम |
|---|---|---|---|---|---|
| ₹20,000 | 40% | ₹8,000 | ₹7,86,624 | ₹24,000 | ₹32,000 |
| ₹30,000 | 40% | ₹12,000 | ₹11,79,936 | ₹36,000 | ₹48,000 |
| ₹45,000 | 40% | ₹18,000 | ₹17,69,904 | ₹54,000 | ₹72,000 |
| ₹30,000 | 20% | ₹6,000 | ₹5,89,968 | ₹42,000 | ₹48,000 |
₹30,000 मूल पेंशन और 40% कम्यूट पर कटौती ₹12,000 महीना और एकमुश्त रकम लगभग ₹11,79,936 है। 15 साल में कुल ₹21,60,000 कटता है। बदले में पेंशनभोगी को एकमुश्त रकम पहले ही मिल गई, और इस फैक्टर पर कटौती लगभग 8.2 साल (8.194 × 12 = लगभग 98 महीने, ब्याज छोड़कर) में ही एकमुश्त रकम के बराबर हो जाती है, फिर भी 15 साल पूरे होने पर ही बंद होती है।
कम्यूटेशन और 8वाँ वेतन आयोग
जब 7वें आयोग ने 2016 से पहले की पेंशन बदली, तो संशोधित (समेकित) पेंशन में कम्यूट हिस्सा शामिल था और "मासिक भुगतान करते समय कम्यूट हिस्सा उस रकम से काटा जाएगा" (DoPPW OM 04.08.2016, पैरा 4.3)। व्यवहार में पूरी मूल पेंशन को 2.57 से गुणा किया गया और कटौती उतने ही रुपये रही। अगर 8वाँ आयोग भी ऐसा करे, तो जिस पेंशनभोगी की कटौती अभी चल रही है, उसकी खाते में आने वाली रकम फैक्टर से भी ज़्यादा अनुपात में बढ़ेगी। उदाहरण: ₹30,000 मूल पेंशन, ₹12,000 कटौती, फैक्टर 2.57 — नई मूल पेंशन ₹77,100, बहाली तक रकम ₹65,100, जबकि आज ₹36,000। यह अनुमान है, आदेश नहीं।
6ठे और 7वें आयोग में जो कर्मचारी लागू तिथि के बाद रिटायर हुए और पेंशन का एरियर मिला, वे बढ़ी हुई पेंशन का अतिरिक्त हिस्सा भी कम्यूट कर सकते थे; पेंशनर्स पोर्टल के FAQ के अनुसार उम्र मूल कम्यूटेशन वाली ली जाती है पर फैक्टर संशोधित तालिका से। 8वें आयोग में भी ऐसा प्रावधान आ सकता है; अभी कुछ घोषित नहीं।
बहाली: आपको क्या करना है
आमतौर पर कुछ नहीं। पेंशनर्स पोर्टल का FAQ कहता है कि 15 साल बाद बहाली "बैंक द्वारा अपने-आप" होती है; अगर PPO में कम्यूटेशन की तारीख नहीं है, तो बैंक CPAO के ज़रिए वेतन एवं लेखा कार्यालय से जानकारी लेता है। बहाली वाले महीने के बाद की पहली रकम ज़रूर देखें। अगर नहीं बढ़ी, तो PPO नंबर के साथ अपनी पेंशन शाखा को लिखें, और ज़रूरत हो तो CPENGRAMS (pgportal.gov.in) पर शिकायत करें।
आम गलतियाँ
- एकमुश्त रकम बाद में मिली हो फिर भी 15 साल रिटायरमेंट से गिनना। अवधि उस तारीख से चलती है जब कटौती लागू हुई।
- घटी हुई पेंशन पर DR गिनना। DR मूल पेंशन पर है।
- फैक्टर के लिए आज की उम्र लेना। फैक्टर उस समय की अगले जन्मदिन की उम्र से तय होता है जब कम्यूटेशन पूरा हुआ।
- बाद में और कम्यूट करने की सोचना। FAQ कहता है कि पहला विकल्प पूरा होने के बाद दूसरा विकल्प नहीं है।